प्रीलिम्स 2019

राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग (NSC)

समाचार का महत्व:
हाल ही में, राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के कार्यकारी अध्यक्ष और एक सदस्य ने अपने कामकाज में नीति आयोग के हस्तक्षेप और निकाय के पक्ष में विरोध का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग में इन इस्तीफों के बाद नीति आयोग के उपाध्यक्ष अमिताभ कांत और मुख्य सांख्यिकीविद प्रवीण श्रीवास्तव के रूप में केवल दो ही सदस्य रह गए हैं।

राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग:
• राष्ट्री य सांख्यिकीय आयोग (NSC) की स्थासपना भारत सरकार ने रंगराजन आयोग, जिसने भारतीय सांख्यिकी प्रणाली की 2001 में समीक्षा की थी, उसकी सिफारिशों को स्वीोकार करने के लिए मंत्रिमंडल के निर्णय के बाद 01 जून, 2005 के संकल्पस के माध्यसम से की थी। राष्ट्री य सांख्यिकीय आयोग में एक अध्यक्ष के अलावा चार सदस्य होते हैं, ये सभी सदस्य‍ विनिर्दिष्टम सांख्यिकी क्षेत्र में विशेषज्ञता और अनुभव प्राप्त होते हैं।
• यह एक स्वायत्त संस्थान है और CSO / NSSO के अंतर्गत नहीं आता है। राष्ट्री य सांख्यिकीय आयोग को स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य सांख्यिकीय मामलों में नीतियां तैयार करने, प्राथमिकताएं और मानक तय करने के सम्बंध में CSO , NSSO और विभिन्न राज्यों एवं केंद्र सरकार के विभागों के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करना था।
• आमतौर पर यह कहा जाता रहा है कि राष्ट्रीयय सांख्यिकीय आयोग इतना प्रभावी नहीं है क्योंकि यह एक वैधानिक निकाय नहीं है और इसलिए इसे अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए पहले भी वैधानिक निकाय बनाने की मांग की जाती रही है।

स्रोत: द हिन्दू